Tuesday, 29 September 2015

slogan for voter awareness(मतदाता जागरूकता के लिए नारे)


मतदान केंद्र पर जाना है,मतदान कर.
 लोकतंत्र का पर्व  मनना है.

लोकतंत्र  की यही पुकार सब काम छोड़ ,पहले करो अपना मतदान।

युवा शक्ति जागा है ,मताधिकार जागरूकता में आगे आया है।

सब की सुने ,सब को जाने। 
मतदान करने में अपनी मन की माने।

देश की नारी जागी है ,मताधिकार में आगे आई है।

किसी के भय ,बहकावे और प्रलोभन में ना आना है,
वोट देने पोलिंग बूथ जरुरी जाना है।

 मताधिकार का सम्मान करे ,पहले चलो मतदान करे।

लोकतंत्र के महापर्व में मतदान कर ,राष्ट्रधर्म निभाना है। 
… रणजीत कुमार 

Tuesday, 8 September 2015

Literacy Day(साक्षरता दिवस)

1.शिक्षा का दीप जलाना है ,अज्ञानता दूर भगाना है। 


        2.पिछड़ेपन से छुटकारा पाना है ,तो शिक्षा को अपनाना है। 


        3.शिक्षा को अपनाना है ,शोषण के विरुध  आवाज उठाना है। 


       4.समानता का हक़ पाना है ,तो भारत की नारी शिक्षा को अपनाना है। 


               रणजीत कुमार 

Wednesday, 2 September 2015

Hay ! Mazduro Ki Mazburi(हाय ! मजदूरो की मज़बूरी)

 किसानो के संग खेतो में मजदूरी कर 
फसलो को लह-लहाया है 
फिर भी अपने परिवार को
दो वक़्त की रोटी ,जुटा न पाया। 
हाय ! मजदूरो की मज़बूरी
बड़े -बड़े भवन -ईमारत के निर्माण में 
अपने खून -पसीनें के मिश्रण से तैयार किया 
पर हल्की वर्षा होने पर 
अपने ही घर में बैठने की जगह नहीं। 
हाय ! मजदूरो की मज़बूरी
बड़े से  लेकर छोटे  औद्योगिक  -कारखानो में
 12 से 18 घंटे तक
मजदूरी कर प्रोडक्शन  को बढ़ाया है 
पर वाज़िब मजदूरी ठेकेदारो ने ही उठाया है। 
हाय ! मजदूरो की मज़बूरी
सोचा था मज़दूरी कर सारे 
 कर्ज चुकाऊगा और पक्के की मकान बनाऊगा 
अब बेटिया हो गयी सयानी 
 उसकी ब्याह की चिंता सताती है  
हाय ! मजदूरो की मज़बूरी
इसी बीच पिता जी की हो गयी देहांत
गॉँव समाज के लोग बुरा न कहे 
इसलिए मजदूरी की कमाई  का पैसा
 पिताजी के क्रिया-कर्म में किया है खर्च 
अब तो और भी चिन्ता सताती है। 
हाय ! मजदूरो की मज़बूरी
अब उम्र के ढल जाने से मजदूरी करने की ताकत न रहा 
अधूरे सपने को पूरा करने के लिए
अब बेटे को मजदूरी का  काम आगे बढ़ाना  होगा 
हाय ! मजदूरो की मज़बूरी
         
रणजीत कुमार