शराब चाहे जिस हालत में पिया हो होता यह बेकार,
शरीर तोड़ता बिमारी लाता कर देता लाचार जीवन।
शराबी के अब यही ठिकाने,पकड़े जाने पर भरे जुर्माने जाए जेल।
शराब का जो हुआ शिकार, उसका उजड़ा घर परिवार।
शराबबंदी के इस ऐतिहासिक निर्णय के पीछे की कहानी बड़ी दिलचस्प है। 9 जुलाई, 2015 को आयोजित ग्रामवार्ता कार्यक्रम में पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में स्वयं सहायता समूह के कार्यक्रम में महिलाओं ने नीतीश कुमार से गांवों में शराब बंद कराने का अनुरोध किया था।
उस वक्त नीतीश अपना संबोधन खत्म कर चुके थे लेकिन इसी बीच एक महिला की आवाज गूंजी-मुख्यमंत्री जी, शराब बंद कराइए घर बर्बाद हो रहा है । कई और महिलाएं बोलने लगीं। उन महिलाओं की अपील उनके दिल को इस कदर छू गई कि वे दुबारा माइक पर गए और कहा कि अगर उन्होंने सत्ता में वापसी की तो शराबबंदी जरूर लागू करेंगे। नीतीश कुमार की इस घोषणा को विपक्षी दलों ने चुनावी घोषणा कह कर बहुत ही हल्के में लिया।चुनाव के समय भी बार-बार विरोधी दलों ने इस बात को लेकर नीतीश कुमार पर ताना जड़ा कि नीतीश केवल वोट लेने के लिए शराब बंदी की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने अपने इस एलान को बिहार के सत्ता में आते ही 20 नवंबर, 2015 - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांचवीं बार सत्ता संभाली। उनके साथ 28 मंत्रियों ने शपथ ली ।26 नवंबर, 2015- मद्य निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने किया एलान 1 अप्रैल, 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू करने का एलान छह दिनों के अंदरसत्ता मेंआते ही वादा पूरा किया ।
उस वक्त नीतीश अपना संबोधन खत्म कर चुके थे लेकिन इसी बीच एक महिला की आवाज गूंजी-मुख्यमंत्री जी, शराब बंद कराइए घर बर्बाद हो रहा है । कई और महिलाएं बोलने लगीं। उन महिलाओं की अपील उनके दिल को इस कदर छू गई कि वे दुबारा माइक पर गए और कहा कि अगर उन्होंने सत्ता में वापसी की तो शराबबंदी जरूर लागू करेंगे। नीतीश कुमार की इस घोषणा को विपक्षी दलों ने चुनावी घोषणा कह कर बहुत ही हल्के में लिया।चुनाव के समय भी बार-बार विरोधी दलों ने इस बात को लेकर नीतीश कुमार पर ताना जड़ा कि नीतीश केवल वोट लेने के लिए शराब बंदी की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने अपने इस एलान को बिहार के सत्ता में आते ही 20 नवंबर, 2015 - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांचवीं बार सत्ता संभाली। उनके साथ 28 मंत्रियों ने शपथ ली ।26 नवंबर, 2015- मद्य निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने किया एलान 1 अप्रैल, 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू करने का एलान छह दिनों के अंदरसत्ता मेंआते ही वादा पूरा किया ।
1अप्रैल 2016 से अब बिहार में शराब पीने वाले की खैर नहीं। बिहार विधानसभा सभा में पेश किये गये बिल बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 के तहत प्रथम चरण में ग्रामीण इलाके में पूर्ण शराबबंदी तथा दूसरे चरण में शहरी इलाकों में शराबबंदी किया जाना है।अब तक प्रचलित कानून में कम सजा का प्रावधान था उसे सख्त किया गया है।सरकार की नई उत्पाद नीति के लागू होने के बाद अब राज्य के किसी कोने में देशी शराब का न तो निर्माण होगा और ना ही इसकी खरीद-बिक्री या सेवन की इजाजत होगी।
संशाधित विधेयक के तहत अवैध व जहरीजी शराब के उत्पादन और बिक्री पर उम्रकैद से लेकर मौत तक की सजा का प्रावधान है।बिहार में शराबबंदी को लागू करने के लिए उत्पाद विभाग में एक नियंत्रण कक्ष बनाए जाने के साथ एक टोल फ्री नंबर 15545 और 18003456268 जारी किए है।
संशाधित विधेयक के तहत अवैध व जहरीजी शराब के उत्पादन और बिक्री पर उम्रकैद से लेकर मौत तक की सजा का प्रावधान है।बिहार में शराबबंदी को लागू करने के लिए उत्पाद विभाग में एक नियंत्रण कक्ष बनाए जाने के साथ एक टोल फ्री नंबर 15545 और 18003456268 जारी किए है।
महिलाओं की आवाज़ पर शराबबंदी को लेकर किये वादे को नीतीश कुमार ने सत्ता में फिर से आते ही पूरा किया और इस ऐलान के साथ आधी आवादी के चेहरे पर मुस्कान आ गई।अब सभी को मिलकर समाज का मानस बदलना होगा, लेकिन नशे के आदि हो चुके लोगों की बड़ी संख्या को अचानक से नशा के विमुख करना आसान नहीं होगा।क्योंकि गुजरात में शराबबंदी है, लेकिन अवैध शराब का कारोबार नहीं रुक रहा है।
.......................................................................................................रणजीत कुमार
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